नई दिल्ली. पेशे से टीचर और पैरा एथलीट कीर्ति चौहान (24) ने अपनी दिव्यांगता को मात देकर कामयाबी हासिल की। 1998 में पांच साल की उम्र में चारा काटने की मशीन से

नई दिल्ली. पेशे से टीचर और पैरा एथलीट कीर्ति चौहान (24) ने अपनी दिव्यांगता को मात देकर कामयाबी हासिल की। 1998 में पांच साल की उम्र में चारा काटने की मशीन से खेलते हुए उनका सीधा हाथ कलाई से कटकर अलग हो गया था। वह जब कॉलेज में पहुंचीं तो नेशनल लेवल की रनिंग चैंपियनशिप में भाग लेने से पहले प्रैक्टिस के दौरान दौड़ते हुए ट्रैक पर गिर गईं, जिससे घुटने में इंज्युरी हो गई लेकिन हिम्मत नहीं हारी।

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