ब्रिटेन ने भारत के सामने पेशकश की है कि दोनों देश अपने छात्रों की डिग्रियों को मान्यता देने का समझौता कर लें। यानी ब्रिटेन के बीए को भारत में बीए माना जाए

ब्रिटेन ने भारत के सामने पेशकश की है कि दोनों देश अपने छात्रों की डिग्रियों को मान्यता देने का समझौता कर लें। यानी ब्रिटेन के बीए को भारत में बीए माना जाए और भारत के पोस्ट ग्रेजुएट को ब्रिटेन में भी बराबर मान्यता मिल जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले सप्ताह की ब्रिटेन की द्विपक्षीय यात्रा के दौरान यह मुद्दा उठने की संभावना है। अगर यह समझौता हो जाता है तो 14 हजार भारतीय छात्रों को हर साल इससे लाभ होगा।