नई दिल्ली.केंद्र सरकार के टेस्ट में दो बार फेल होने के बाद आखिरकार साउथ एमसीडी खुले में शौचमुक्त हो गई। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान ने साउथ

नई दिल्ली.केंद्र सरकार के टेस्ट में दो बार फेल होने के बाद आखिरकार साउथ एमसीडी खुले में शौचमुक्त हो गई। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान ने साउथ एमसीडी को इसका सर्टिफिकेट दे दिया। इस तरह साउथ एमसीडी दिल्ली में खुले में शौचमुक्त के मामले में तीसरी एजेंसी हो गई है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को यह सर्टिफिकेट सरकार की ओर से पहले ही मिल चुका है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में अपने इलाके को खुले में शौचमुक्त करने की होड़ मची तो दिल्ली की तीनों एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड ने भी अपने एरिया को खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया। खुले में शौचमुक्त का केंद्र सरकार की एजेंसी क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने टेस्ट लिया तो एनडीएमसी और कैंट बोर्ड इलाका ही उसमें पास हो पाया। तीनों एमसीडी इसमें फेल हो गईं।

जनवरी, 2018 में फिर से तीनों एमसीडी टेस्ट के लिए अप्लाई किया। इसमें भी तीनों एमसीडी फेल हो गईं। जानकारी के मुताबिक तीसरी बार अप्रैल, 2018 में साउथ एमसीडी ने फिर से एप्लाई किया। इस टेस्ट में एमसीडी पास हो गई और केंद्र सरकार ने साउथ एमसीडी को खुले में शौचमुक्त का सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इसके साथ ही दिल्ली 60 फीसदी खुले में शौचमुक्त हो गई है।

साउथ एमसीडी के इलाके में 20 लाख, एनडीएमसी इलाके में 2.58 लाख और कैंट एरिया में 1.10 लाख लोग रहते हैं। 40 फीसदी दिल्ली अभी भी खुले में शौचमुक्त नहीं हो पाई है जोकि नॉर्थ और ईस्ट एमसीडी के इलाकों में आती है। नॉर्थ और ईस्ट एमसीडी सर्टिफिकेट के लिए भरसक कोशिश कर रही है लेकिन उन्हें यह नहीं मिल पा रहा है।



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