नीरज आर्या,नई दिल्ली.अभी तक हवाईजहाज में किसी शख्स की उड़ान पर बैन लगाने की कार्रवाई होती थी। लेकिन, दिल्ली मेट्रो में भी ऐसी ही कार्रवाई करने जा रही है।

नीरज आर्या,नई दिल्ली.अभी तक हवाईजहाज में किसी शख्स की उड़ान पर बैन लगाने की कार्रवाई होती थी। लेकिन, दिल्ली मेट्रो में भी ऐसी ही कार्रवाई करने जा रही है। दिल्ली पुलिस ने 182 शातिर लोगों के मेट्रो में सफर करने पर रोक लगा दी है। पुलिस ने एक लंबी जांच में इन 182 लोगों को मेट्रो परिसर में चोरी और जेबतराशी की वारदातों में लिप्त पाया। इनके ऊपर जेबतराशी या चोरी के 4 से 5 मुकदमे दर्ज हैं।

वर्तमान में सभी जमानत पर छूटे हुए हैं। इस सूची में 24 महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी ट्रेन में सफर करना तो दूर परिसर में भी घुस भी नहीं पाएंगे। पुलिस की तरफ से इन लोगों को मेट्रो में प्रवेश ना करने को लेकर नोटिस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यह पूरी कवायद मेट्रो में होने वाले अपराध से लोगों को बचाने की है। इस लिस्ट में शामिल लोगों की फोटो केंद्रीय औद्योगिकसुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को भी दी जाएगी, ताकि वे उन पर नजर रख सकें।


दिल्ली पुलिस ने तैयार की लिस्ट, 24 महिलाएं शामिल :दिल्ली पुलिस के सीनियर पुलिस अफसर ने बताया कि पिछले साल मेट्रो में बढ़ते अपराध को रोकने के इरादे से तत्कालीन मेट्रो डीसीपी पंकज सिंह ने यह प्रस्ताव तैयार किया था। जिसमें तय हुआ कि जो आदतन अपराधी हैं, उनको मेट्रो में ही प्रवेश ना दिया जाए। वर्तमान डीसीपी दीपक गौरी ने इस प्रस्ताव पर काम करते हुए उसे आगे बढ़ाया। पिछले दिनों पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई। इसके बाद मेट्रो में जेबतराशी और चोरी करने वाले लोगों का प्रोफाइल खंगाला गया। उनके आपराधिक रिकॉर्ड को चैक करने के बाद 182 लोगों की लिस्ट तैयार की गई, जो 4 से 5 बार चोरी के मामले में गिरफ्तार हो चुके थे। ये सभी अभी जमानत पर जेल से बाहर हैं।

नोटिस की अनदेखी करने पर होगी कार्रवाई :पुलिस अधिकारी ने बताया कि पेशेवर अपराधियों को नोटिस भेजा जा रहा हैं। नोटिस में लिखा गया है कि उनका मेट्राे में प्रवेश वर्जित है। इसके बाद भी अगर वे नोटिस की अनदेखी करते हैं या फिर पुलिस द्वारा पकड़े जाते हैं तो नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की तरफ से इन लोगों का प्रोफाइल और फोटो सीआईएसएफ को मुहैया कराया जाएगा, ताकि प्रवेश करने में सफल न हो सकें।

31 अक्टूबर तक चोरी और जेब तराशी के दर्ज केस

  • 2016 में 9766 केस दर्ज, सुलझे सिर्फ 280 और गिरफ्तारियां 301 लोगों की
  • 2017 में 12925 केस दर्ज, सुलझे सिर्फ 2775 और गिरफ्तारियां 590 लोगों की
  • 2018 में 4216 केस दर्ज, सुलझे 1150 और गिरफ्तारियां 435 लोगों की।


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