नई दिल्ली.दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दाम एनसीआर में सबसे ज्यादा होने पर पेट्रोल-डीजल डीलर्स ने केजरीवाल को इसे सस्ता करने का फार्मूला सुझाया है। दिल्ली

नई दिल्ली.दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दाम एनसीआर में सबसे ज्यादा होने पर पेट्रोल-डीजल डीलर्स ने केजरीवाल को इसे सस्ता करने का फार्मूला सुझाया है। दिल्ली के पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने कहा है कि अगर वैट नहीं घटा तो पेट्रोल 25 फीसदी और डीजल बिक्री 50 फीसदी तक घट जाएगी।

इसका कारण यह है कि दिल्ली की बजाय हरियाणा या यूपी में पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी होना। अगर दिल्ली में ऑयल के रेट ऐसे ही रहे तो जहां जनता की जेब पर भार रहेगा। एसोसिएशन ने 2009-10 में पड़ोसी राज्यों से दिल्ली में तेल महंगा होने पर गिरी बिक्री का हवाला भी दिया है।

उन्होंने बताया है कि सितंबर, 2018 में पेट्रोल 10.62 करोड़ लीटर और डीजल 9.38 करोड़ लीटर बिका है। वैट नहीं घटाया तो पेट्रोल 8 करोड़ लीटर और डीजल 4.7 करोड़ लीटर ही बिकेगा जिससे सरकार का मासिक राजस्व 292.4 करोड़ रुपए से घटकर 194.2 करोड़ रुपए ही रह जाएगा।

हालांकि हर लीटर ढाई रुपये घटाने से मासिक 50 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। वहीं प्रति लीटर 4 रुपये वैट घटाने पर बिक्री बढ़ेगी और मासिक राजस्व 297.8 करोड़ पहुंच जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के शासनकाल दिसंबर, 2013 में जो वैट की दरें थी, वही लागू करके आम जनता को पेट्रोल में 8.38 रुपये और डीजल में 6 रुपये राहत देने की मांग रखी है।

अजय माकन ने कहा है कि वैट और एक्साइज के नाम पर केंद्र के खिलाफ सिर्फ ब्लेम गेम की बजाय पुरानी वैट की दरें लागू करें। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा है कि 10 रुपये वैट नहीं घटा सकते तो रविवार सुबह तक 5 रुपये प्रति लीटर घटा दीजिए। कांग्रेस का तर्क है कि सत्ता में आने से पहले अरविंद केजरीवाल कहते थे टैक्स वसूली की जरूरत नहीं तो जो बढ़ाया है, उसे वापस लें।

मनोज तिवारी का कहना है कि पड़ोसी राज्यों ने घटा दिया तो आप महंगा क्यों बेच रहे हैं? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सिर्फ शोर मचाने से काम नहीं चलेगा।

दिल्ली सरकार का पड़ोसी राज्यों के वित्तमंत्री समूह की बैठकों के बाद वैट दरें एक समान रखने का पुराना समझौता है। पिछले दिनों वित्त विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पड़ोसी राज्यों के वित्तमंत्रियों के साथ बैठक भी की। इसमें वैट आयुक्तों की एक समिति बनाई गई कि वैट दरें एक समान रखने के लिए काम करें।

लेकिन, अभी तक दिल्ली सरकार से वैट डिपार्टमेंट या वित्त विभाग को ऐसा कोई निर्देश नहीं गया है कि पड़ोसी राज्यों की तरह ढाई रुपये प्रति लीटर या ज्यादा वैट दरें घटाने का प्रस्ताव बनाएं।



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