भारत चीन को कृषि उत्पादों, दवाओं और आईटी सेवाओं का निर्यात बढ़ाना चाहता है। इसके लिए सरकार ने चीन से अधिक बाजार पहुंच मुहैया कराने का अनुरोध किया है।

भारत चीन को कृषि उत्पादों, दवाओं और आईटी सेवाओं का निर्यात बढ़ाना चाहता है। इसके लिए सरकार ने चीन से अधिक बाजार पहुंच मुहैया कराने का अनुरोध किया है। वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने शंघाई में चीन के वाणिज्य मंत्री वैंग शोउवेन के साथ बैठक में यह मसला उठाया। सरकार चीन के साथ व्यापार घाटे को कम करना चाहती है। वधावन शंघाई में 5 से 10 नवंबर के बीच हो रहे पहले चाइना इंटरनेशनल इम्पोर्ट एक्सपो (सीआईआईई) में भाग लेने आए हुए हैं।

वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि इस बैठक में वधावन ने शोउवेन से कहा कि कृषि उत्पादों, दवाओं, आईटी सेवाओं और पर्यटन के क्षेत्रों में भारत की अच्छी मौजूदगी है। लेकिन चीन के बाजार में उनकी पहुंच कम है। भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे में चीन को इन क्षेत्रों में भारतीय निर्यात को बढ़ाने के लिए सभी स्टेकहोल्डर को मार्गदर्शन, सहायता आदि मुहैया करानी चाहिए।

वाणिज्य सचिव ने चीन से बाजार और खोलने का अनुरोध किया

पिछले साल 23.5% बढ़ा व्यापार घाटा, 6,312 करोड़ डॉलर पर पहुंचा

2017-18 में दोनों देशों के बीच 8,971 करोड़ डॉलर का द्विपक्षीय कारोबार हुआ। इसमें भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 23.5% बढ़कर 6,312 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में 5,111 करोड़ डॉलर था। इस दौरान वधावन ने चाइना शुगर एसोसिएशन समेत चीन के बड़े चीनी आयातकों से बातचीत की, उन्हें भारत के चीनी सेक्टर के बारे में जानकारी दी।



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