जल्द ही देश में किसान और खेतों का डिजिटल डेटाबेस तैयार होने जा रहा है। इसके लिए किसानों के आधार कार्ड और खेतों की जानकारी को आपस में जोड़ने की तैयारी चल

जल्द ही देश में किसान और खेतों का डिजिटल डेटाबेस तैयार होने जा रहा है। इसके लिए किसानों के आधार कार्ड और खेतों की जानकारी को आपस में जोड़ने की तैयारी चल रही है। इस डेटाबेस के जरिए यह आसानी से पता चल पाएगा कि किसी भी किसान के पास देशभर में कहां-कहां और कितने खेत हैं। इस कवायद से किसानों की जमीन के बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े रुकेंगे और फसल बीमा के तहत मुआवजे मिलने में आने वाली परेशानियां दूर होंगी। इस डेटाबेस के लिए सरकार हर एक खेत के यूनिक आईडी नंबर को किसान के आधार नंबर से लिंक करा रही है। इसके अलावा संबंधित किसान की बायोमेट्रिक जानकारियां भी ली जा रही हैं।