धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, नई दिल्ली .नोटबंदी हुए आठ नवंबर को दो वर्ष पूरे हो जाएंगे। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 11 नवंबर 2016 को 15.26 लाख करोड़ रुपए की करेंसी

धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, नई दिल्ली .नोटबंदी हुए आठ नवंबर को दो वर्ष पूरे हो जाएंगे। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 11 नवंबर 2016 को 15.26 लाख करोड़ रुपए की करेंसी सर्कुलेशन में थी। 12 अक्टूबर 2018 को यह बढ़कर 18.76 लाख करोड़ रुपए हो गई। यानी करीब 3.5 लाख करोड़ रु. पहले से अधिक लोगों के हाथों में हैं।

द कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (केट) के अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा कि हमें देखना पड़ेगा कि मार्केट में पैसा है या आरबीआई के पास से निकल गया है। नोटबंदी से पहले तक गांव, किसान, महिलाओं और बाजार में नगदी का प्रवाह था, लेकिन अभी बाजार में नगदी नहीं है। दो हजार रुपए के नोट मार्केट में कम ही नजर आते हैं। दो वर्ष पहले की तुलना में अभी औसतन 40 फीसदी से अधिक नगदी नहीं है।

हालांकि, नोटबंदी का सकारात्मक असर डिजिटल ट्रांजेक्शन पर देखा गया। नेशनल पेमेंट्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 में 10.03 अरब ट्रांजेक्शन हो रहे थे, जो अगले वर्ष करीब दोगुना होकर 20.71 अरब होने लगे। अक्टूबर 2018 में प्रतिदिन 7.2 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन किए गए। पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा कहते हैं कि नोटबंदी के समय सरकार ने तीन प्रमुख दावे किए थे।

नकदी में कालाधन, आतंकवाद और नकली नोट खत्म होंगे। सरकार इन तीनों ही उद्देश्य में असफल रही। जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर अरुण कुमार कहते हैं कि गलत धारणा थी कि कैश का अर्थ ब्लैकमनी है। सरकार के तीन से चार लाख करोड़ की ब्लैक नगदी की बात गलत साबित हुई। करीब पूरा कैश ही वापस बैंक में आ गया।

जिन्हें कम करने का दावा था उनकी हकीकत

  • आतंकवाद :कश्मीर में 2016 में 322 अातंकवादी घटनाएं हुईं, जो 2017 में बढ़कर 342 हो गईं। वहीं जून 2018 तक 256 घटनाएं हो चुकी थीं।
  • नक्सलवाद :पिछले तीन सालों में नक्सलवादी घटनाओं में 25% की कमी आई है। चरमपंथियों के आत्मसमर्पण के मामले भी 185% बढ़े।
  • भ्रष्टाचार/रिश्वतखोरी- ट्रांसपैरेंसी इंडिया के सर्वे के मुताबिक 2017 से 2018 के बीच रिश्वतखोरी के मामलों में 11% की बढ़ोतरी हुई है।
  • नकली नोट :3.22 लाख मामले 2016-17 में सामने आए।
  • सोर्स : पूर्व बैंकर राजीव गुप्ता, आरबीआई, एनपीसीआई, लोकसभा प्रश्न-उत्तर।

ट्रांजेक्शन मोड अगस्त-2018 नवंबर-2016
डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन ~3.24 लाख ~1.56 लाख
क्रेडिट कॉर्ड ट्रांजेक्शन ~4.83 लाख ~2.66 लाख
पीओएस संख्या 33.3 लाख 15.9 लाख
एटीएम संख्या 2.13 लाख 2.05 लाख
आईएमपीएस ~32.48 हजार ~1.24 लाख
यूपीआई ~101 ~54.21 हजार


नोट: रुपए के आंकड़े करोड़ में

भीम एप के अक्टूबर 2018 तक 5 करोड़ यूजर हैं,जो 75 हजार करोड़ रु. के ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। जबकि आधार आधारित पेमेंट 5200 करोड़ रु. के हुए।



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