न्यायिक आदेश ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों के बीच हिंसा हो। 14 जनवरी 2007 से 12 मई 2010 तक देश के चीफ जस्टिस रहे बालाकृष्णन ने एक कार्यक्रम में कहा, 'संभवत: पहली

न्यायिक आदेश ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों के बीच हिंसा हो। 14 जनवरी 2007 से 12 मई 2010 तक देश के चीफ जस्टिस रहे बालाकृष्णन ने एक कार्यक्रम में कहा, 'संभवत: पहली बार सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले को लेकर लोगों में हिंसा भड़की है। सामान्यत: जब हिंसा होती है, तब सुप्रीम कोर्ट दखल देता है। लोग आदेश को मंजूर करते हैं। सुप्रीम कोर्ट को इस तरह से फैसले देने चाहिए, जो अधिकांश लोगों को स्वीकार्य हो। यह समाज में हिंसा उकसाने वाला नहीं होना चाहिए।'