नई दिल्ली| ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) में पोलियाे टाइप टू स्ट्रेन आने के पीछे किसी की साजिश या आरोपी कंपनी की बड़ी लापरवाही संभव है। सेंट्रल ड्रग्स

नई दिल्ली| ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) में पोलियाे टाइप टू स्ट्रेन आने के पीछे किसी की साजिश या आरोपी कंपनी की बड़ी लापरवाही संभव है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) इस बात की भी जांच कर रहा है कि 2016 में जिस स्ट्रेन को खत्म मान कर नष्ट करने के आदेश दिए गए थे, उसी की बची हुई कुछ दवा का इस्तेमाल तो नहीं कर लिया गया। कोर्ट की मंजूरी के बाद सीडीएससीओ कंपनी के गिरफ्तार प्रबंध निदेशक से इस बारे में पूछताछ करेगी। हाल ही में यूपी में हुई ओपीवी की जांच में पोलियाे के टाइप टू स्ट्रेन का पता चला था। आशंका है कि यह वैक्सीन यूपी व तेलंगाना के तीन ब्लॉक में करीब 20 लाख बच्चों को या तो पिलाई जा चुकी है या उन तक पहुंच गई होगी।



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