नई दिल्ली.वसंत कुज के किशनगढ़ इलाके में 19 साल के सूरज ने अपने मम्मी-पापा और 16 साल की बहन की चाकू और कैंची से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार सूरज नशे का आदी

नई दिल्ली.वसंत कुज के किशनगढ़ इलाके में 19 साल के सूरज ने अपने मम्मी-पापा और 16 साल की बहन की चाकू और कैंची से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार सूरज नशे का आदी है, परिजन की लगातार रोकटोक और बहन की किसी अन्य युवक से दोस्ती से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया।

किशनगढ़ में मिथलेश अपनी फैमिली के साथ पांच मंजिला घर में प्रथम तल पर रहते थे। वह मूलरूप से यूपी (कन्नौज) के रहने वाले थे। यहां वह करीब 17 साल से रह रहे थे, लेकिन नए सिरे से मकान चार साल पहले ही बनवाया था। मिथलेश इंटीरियर डिजाइनर के साथ बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर भी थे। उनकी पत्नी सिया हाउस वाइफ और बेटी नेहा वसंत विहार स्थित सूरजभान डीएवी पब्लिक स्कूल में 9वीं की छात्रा थी। बेटा सूरज सिविल इंजीनियरिंग (फर्स्ट ईयर) कर रहा है।

पड़ोसी पिंटू के पिता ने बताया कि देर रात करीब ढाई बजे उन्हें दर्द की शिकायत हुई, जिस कारण वह पत्नी के साथ सफदरजंग अस्पताल चले गए। इलाज के बाद जब वह घर पहुंचे तभी सूरज के चिल्लाने की आवाज सुनी। पड़ोसी ने बताया कि घर का मेन गेट अंदर से लॉक था। ऐसे में वह अपने घर की बालकनी से मिथलेश के फ्लोर पर पहुंचे। वहां देखा कि कमरे मे तीनों शव खून से सने पड़े थे। इसके बाद उन्होंने ही पुलिस को सूचना दी।

पिछले कई दिनों से सूरज दिमाग में वारदात को अंजाम देने के लिए प्लानिंग चल रही थी। वह जब भी अपनी बहन को किसी लड़के से बात करते हुए देखता था तो वह आग बबूला हो जाता था। इस बात को लेकर घर में झगड़ा हो जाता था। मंगलवार को सूरज ने महरौली इलाके में एक दुकान पर जाकर दो सौ रुपए में चाकू और कैंची खरीदे और घर ले जाकर उन्हें छिपा दिया।

वह पहले से तय कर चुका था कि आधी रात में वारदात को अंजाम देगा। सब रात को खाना खाकर सो गए, तभी माैका तलाश रहा आरोपी ने सबसे पहले अपनी बहन पर हमला किया, इसके बाद मां और फिर पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। उस वक्त तीनों गहरी नींद में सो रहे थे।

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पिता को कई जगह, मां-बहन को छातीपर गोदा

पड़ोसी प्रीति ने बताया कि एक कमरे में बेड पर नेहा पड़ी थी। इसी कमरे में फर्श पर सिया पड़ी थी। दूसरे कमरे में अंकल (मिथलेश) मिले।पुलिस ने कहा मिथलेश के पैर पर एक, सीने पर तीन, गर्दन पर चाकू का एक घाव था। नेहा की गर्दन और छाती पर कई बार वार करने के निशान मिले तो वहीं महिला की छाती को भी चाकू से गोद रखा था।

15 अगस्त को पिता ने पतंग उड़ाने पर पीटाथा

खून से लथपथ एक बहन तड़पती रही, मदद की गुहार लगती रही, लेकिन फिर भी उसके भाई को उस पर रहम नही आया। आखिर एक भाई के सामने तड़पकर बहन ने दम तोड़ दिया। बहन के प्रति सूरज की नफरत इस कदर थी, कि उसके तड़पने के दौरान वह सामान फैला लूट के ड्रामे की पटकथा लिख रहा था।

पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी को उसके पिता ने इस साल 15 अगस्त को पतंग उड़ाने को लेकर बुरी तरह मारा पीटा था, उसी दिन से उसने पिता को मार देने की ठान ली थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने से पहले आरोपी ने बीती रात अपनी फैमिली के साथ समय गुजार उन्हें फोटो दिखा पुरानी यादें ताजा कीं, लेकिन उसके मन में चल कुछ और रहा था।

2013 में सूरज भाग गया था घर से:मिथलेश के सबसे बड़े भाई चंद्रभान छतरपुर में किराए के मकान में रहते हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर, 2013 में सूरज घर से 500 रुपए लेकर किताब खरीदने के लिए शाम को निकला था। वापस नहीं आया तो पिता ने उसके लापता होने की रिपोर्ट वसंतकुंज थाने में दर्ज करा दी। दो ढाई घंटे बाद सूरज ने पिता को कॉल किया और बताया कि वह मोदीनगर में एक रेलवे स्टेशन के नजदीक है।

उसने बताया कि किसी ने उसके मुंह पर कपड़ा रख दिया था। उसके बाद उसे कुछ पता नहीं। होश आया तो उसने खुद को यहां पाया। पिता ने मोदीनगर में मौजूद कुछ जानकारों की मदद से सूरज को स्थानीय पुलिस के हवाले कराया और खुद उसे लेने गए।

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आस-पड़ोस में जिसने सुना, हैरान रह गया:मिथलेश अपने चार भाइयों के बीच तीसरे नंबर के थे। उनका बड़ा भाई छतरपुर में रहता है, जबकि अन्य दो सुभाष और रामलखन गांव में रहते हैं। हत्या की खबर मिलते ही उनके रिश्तेदारों ने मौके पर पहुंचना शुरू कर दिया था। इस घटना के बाद से आस-पड़ोस के लोग भी स्तब्ध थे। आरोपी का 10 दोस्तों का ग्रुप था, लेकिन घर वाले उसके इस फ्रेंड सर्किल के सख्त खिलाफ थे।



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अपने परिवार के साथ आरोपी सूरज। (फाइल फोटो)