प्रेम प्रताप सिंह, नई दिल्ली.रविवार का दिन। दोपहर 12.30 बजे जैसे ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कार्यालय के परिसर में घुसा... वैसे ही पूर्व केंद्रीय मंत्री

प्रेम प्रताप सिंह, नई दिल्ली.रविवार का दिन। दोपहर 12.30 बजे जैसे ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कार्यालय के परिसर में घुसा... वैसे ही पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा समर्थकों के साथ बाहर निकलते दिखे। सामने आ रहा परिचित जैसे ही उनके पैर छूता है, चेहरा चमक जाता है। जहां जयपुर में पीसीसी के बाहर प्रतिद्वंदी चेहरे एक-दूसरे के टिकट कटवाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं...वहीं यहां एक रोचक नजारा दिखा।


मालवीय नगर सीट से दावेदारी कर रहे कृष्ण कुमार हरितवाल और पंकज शर्मा काकू साथ लॉन में दिखे। यूं तो दोनों ही इस सीट पर दावेदार हैं, लेकिन इंतजार की इन घड़ियों में दोनों फिलहाल साथ वक्त काट रहे हैं। उनसे मिलकर आगे भंवर जितेंद्र सिंह के दफ्तर की ओर बढ़ा। तो देखा लंबी लाइन लगी हैं। एक बाबा भंवर जितेंद्र सिंह से मिलकर निकल रहे हैं। जिज्ञासा वश पूछ ही लिया- बाबा आपको भी क्या टिकट चाहिए? तपाक से बोले-क्यों नहीं।

अलवर के मुंडावर से टिकट मांगने के लिए यहां आया हूं। बाबा खेता नाथ आश्रम का महंत हूं। नाम शंकर नाथ है। हम बात ही कर रहे थे कि अचानक सामने से हरे रंग की साड़ी पहने हुए एक महिला आती दिखी। महिला ने बाबा से टिकट के लिए आशीर्वाद मांगा। महिला की उम्र 65 से 70 साल के बीच में थी।

मालूम हुआ कि ये पूर्व विधायक मेजर ओपी यादव की पत्नी कविता यादव है। बात की तो कहने लगीं- मेरे पति मुंडावर से विधायक रह चुके हैं। इस बार तो टिकट मुझे ही चाहिए। उन्हीं के बगल में पिलानी से आए दो दावेदार बात कर थे। बातचीत से लगा-जैसे दोनों नाराज हैं। एक कहने लगा- इस पार्टी में तो झंडा, डंडा उठाने वालों की तो कोई कद्र ही नहीं है। 25 साल से सेवा कर रहा हूं, आज तक टिकट नहीं मिला। अब हालत यह है कि आज इस विधानसभा से आठ आईएएस, आईपीएस, आरएएस और इंजीनियर अचानक से दावेदारी जता रहे हैं।


डेढ़ बजे भंवर जितेंद्र जैसे ही कांग्रेस कार्यालय से बाहर निकले, वैसे ही नारेबाजी तेज होने लगी। कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को घेर लिया। इस बीच 24 अकबर रोड के बाहर दावेदारों का जमावड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा था। मैं भी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के घर की ओर चल पड़ा। गाड़ी से उतरते देखा कि ज्ञान विहार विश्वविद्यालय के चेयरमैन सुनील शर्मा अकेले ही सचिन पायलट के आवास के बाहर खड़े हैं। बात शुरू की तो कहने लगे -कांग्रेस के एक दमदार कदकाठी के नेताजी हवा महल से दावेदारी जता रहे है यदि वे मालवीय नगर से भाजपा के कालीचरण सराफ के सामने हो जाए तो क्या रोचक मुकाबला होगा। दोनों ही दमदार कद काठी के आमने-सामने होंगे।

यहां से मैं सीधा राजस्थान हाउस पहुंचा। लॉन में केशोराय पाटन सीट से पूर्व विधायक सीएल प्रेमी बैठे थे। टिकट के लिए नेताओं से मुलाकात न होने के कारण समय काट रहे थे। शाम पांच बजे वापस कांग्रेस कार्यालय पहुंचा। यहां बीडी कल्ला दिखे। मेजर ओपी यादव की पत्नी बीडी कल्ला से मिलने के लिए आ गई। मिलते ही कल्ला ने कहा कि मैंने आपकी बात आगे बढ़ा दी है। कविता यादव के जाते ही बीडी कल्ला से मैंने सवाल दाग दिया- दो बार लगातार हारने वालों के लिए क्या रणनीति है। इस पर वे उदास हो जाते हैं। कहते है कि एक ही रणनीति है जिताऊ होना चाहिए। बाकी जो फैसला होगा। सर माथे।



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एआईसीसी में दावेदार संत।