नई दिल्ली.वर्ल्ड वाइड वेब का अाविष्कार करने वाले टिम बर्नर्स-ली ने कहा है कि वे इंटरनेट पर अपने अविष्कार के मौजूदा हाल को देखकर बेहद निराश हैं। हाल ही एक

नई दिल्ली.वर्ल्ड वाइड वेब का अाविष्कार करने वाले टिम बर्नर्स-ली ने कहा है कि वे इंटरनेट पर अपने अविष्कार के मौजूदा हाल को देखकर बेहद निराश हैं। हाल ही एक इंटरव्यू में टिम ने कहा कि कुछ वेबसाइटों पर नफ़रत फैलाने वाली सामग्री सामने आ रही हैं।

टिम ने विशेष रूप से ट्विटर की आलोचना की और इस बात पर हैरानी जताई कि आखिरकार अच्छे कमेंट के बजाय नकारात्मक कमेंट ज्यादा क्यों फैल जाते हैं। टिम ने यह भी कहा कि बातचीत का माध्यम फेसबुक, गूगल जैसी कंपनियों तक सिमटकर रह गया है।

टिम ने सभी देशों की सरकारों को सुझाव दिया कि वे वेब की बड़ी-बड़ी कंपनियों पर कुछ लगाम लगाएं। टिम ने 80 के दशक में वर्ल्ड वाइड वेब (www) बनाया था। टिम ने कहा है, ‘अगर आप ट्विटर पर प्रेम से जुड़ी कोई बात लिखेंगे तो वह बात कहीं गुम हो जाएगी लेकिन अगर आप नफरत वाली कोई बात लिखेंगे तो तुरंत फैल जाएगी।’ टिम ने पूछा कि ‘आपको इसकी क्या वजह लगती है? ट्विटर ने कहीं खुद को ही नफरत फैलाने वाले माध्यम के तौर पर तो स्थापित नहीं कर दिया है?’

हाल में ट्विटर, फेसबुक और कई सोशल मीडिया साइटों की इस बात के लिए आलोचना हुई थी कि ये साइट नफरत फैलाने वाली पोस्ट को नियंत्रित नहीं कर पा रही हैं। टिम कहते हैं कि वे इससे बेहद निराश हैं कि इंटरनेट पर सकारात्मकता कम हुई है। इसके जरिए किसी को सशक्त करने की क्षमता भी कम हुई है।

उन्होंने आलोचना की कि सोशल मीडिया या इंटरनेट पर बातचीत का माध्यम महज कुछ कंपनियों के हाथों में सिमट गया है। इनमें अमेजन, फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट व एपल प्रमुख हैं। टिम कहते हैं कि इससे पहले जब कभी कुछ कंपनियां प्रभाव जमाना शुरू करती थीं तब सरकारें दखल कर ताकत के संतुलन का प्रयास करती थीं। टिम ने यह भी कहा, कि इन कंपनियों पर लगाम लगाने से पहले देखना होगा कि कहीं इससे बाजार को बहुत नुकसान न हो जाए।’

किससे प्रभावित हैं, यह पूछे जाने पर टिम ने माता-पिता का जिक्र किया। क्योंकि वे कंप्यूटर बनाते थे। इस वजह से परवरिश ऐसे वातावरण में हुई जहां मैथ्स और प्रोग्रामिंग के अलावा कोई बात ही नहीं होती थी। कंप्यूटर साइंस का अनुभव अच्छा रहा, टिम के मुताबिक यह उनके लिए कुंठा से बाहर आने का जरिया भी बना। जब साथियों और स्टूडेंट्स को इनोवेशन के बारे में बताता हूं, तो मुझे खुशी मिलती है।

झूठे और संगठित प्रचार से लोगों को गुमराह किया जा रहा है

1989 में अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टिम बर्नर्स ली ने वेब का आविष्कार किया। वही ली आज अपने अनूठे आविष्कार पर पछताते हैं। वह कहते हैं- मेरी धारणा थी कि सूचनाओं का जितना प्रसार होगा, दुनिया में समानता और न्याय का उतना ही प्रसार होगा।

लेकिन आज इस पूरे तंत्र का प्रयोग जिस प्रकार झूठे और संगठित प्रचार से इंसानों के दिमाग पर एकाधिकार कायम करने के लिए हो रहा है, उसे देख मैं हतप्रभ व निराश हूं। टिम की यह हताशा और निराशा फेसबुक-ट्विटर के यूजर्स और केंब्रिज एनालिटिका जैसी कंपनियों द्वारा इंटरनेट के दुरुपयोग को लेकर है।



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father of World Wide Web Tim Berners Lee disappointed