नोएडा.गूगल से आर्मी के रिटायर्ड अधिकारियों की डिटेल लेकर आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस के नाम पर लाखों रुपए ठगने वाले एक गैंग का खुलासा हुआ है। नोएडा साइबर सेल

नोएडा.गूगल से आर्मी के रिटायर्ड अधिकारियों की डिटेल लेकर आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस के नाम पर लाखों रुपए ठगने वाले एक गैंग का खुलासा हुआ है। नोएडा साइबर सेल ने बुधवार को गैंग लीडर समेत 11 आरोपियों को अरेस्ट किया। गैंग में एलएलबी से लेकर बीकॉम कर चुके युवक शामिल हैं।

हालांकि, इनका गैंग लीडर सिर्फ 10वीं पास है। गैंग लीडर 2014 में नोएडा के एक फर्जी कॉल सेंटर में नौकरी करने के दौरान ठगी के टिप्स ले लिए और फिर राजस्थान, महाराष्ट्र, यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों के लोगों को इंश्योरेंस दिलाने के नाम पर जालसाजी करने लगा था। गैंग के कई मेंबर वर्ष 2016 से 2017 के बीच जयपुर, दिल्ली व पुणे पुलिस की गिरफ्त मेंआकर जेल भी जा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद 8 महीने से रिटायर्ड आर्मी अधिकारियों को फोन कर ठग रहे थे।

गूगल पर रिटायर्ड आर्मी पीडीएफ से लेते थे डिटेल
गैंग लीडर विश्वजीत ने बताया कि आर्मी वेलफेयर स्कीम व संस्थान, रिटायर्ड आर्मी पीडीएफ समेत कई तरीके से गूगल पर सर्च करके फोन नंबर व एड्रेस ले लेते थे। उस अधिकारी के बारे में गूगल से जानकारी जुटा बदमाशों ने ग्रेटर नोएडा के फ्लैट से अलग-अलग नंबरों से फोन कर ट्रैप करना शुरू करते थे। इसके बाद गैंग लीडर ने बताया कि गैंग में बीकॉम व एलएलबी पास युवक फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते थे और खुद को इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बताकर बात करते थे।

रिटायर्ड ब्रिगेडियर, मेजर जनरल और कर्नल से 34 लाख रुपए ठगे

एसएसपी डॉ अजयपाल ने बताया कि गैंग लीडर विश्वजीत 10वीं पास है और सहायक गैंग लीडर पवन बीकाम है। यही दोनों एलएलबी कर चुके सचिन तोमर, बीकॉम करने वाले अभिषेक व प्रशांत कुमार और पीयूष, संदीप, कामिल, प्रमोद, मृदुल और धर्मेंद्र के साथ मिलकर कई साल से ठगी कर रहे थे। ये ग्रेटर नोएडा की सोसायटी में फ्लैट लेकर ठगी कर रहे थे। इन्होंने कुछ महीने में नोएडा के रिटायर्ड ब्रिगेडियर जेके बहल से 9 लाख रु., रिटायर्ड मेजर जनरल के.के सहगल से 3 लाख 10 हजार रु. व रिटायर्ड कर्नल विनय खन्ना से 21.78 लाख रु. ठग लिए थे।

10-15 हजार रु. में खरीद लेते थे अकाउंट, उसी में रु. मंगाते थे
एसएसपी ने बताया कि गैंग लीडर किसी भी साथी के अकाउंट में पैसे नहीं मंगाता था। किसी अन्य शख्स को 10 से 15 हजार रु. देकर अकाउंट ओपन कराते थे फिर एटीएम व चेकबुक पास रख लेते थे। उसी अकाउंट में पैसे मंगवाते थे और एटीएम कार्ड से पैसे निकाल लेते थे। एसएसपी ने बताया कि इनसे 50 एटीएम कार्ड, 36 मोबाइल, 7 पैन कार्ड, 3.39 लाख रु. कैश व बैंक में 2.80 लाख रु. मिले हैं।



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पुलिस हिरासत में आरोपी।