सरकार चालू खाते के घाटे (कैड) को कम करने और देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाने के लिए जल्द ही कुछ और कदम उठा सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार

सरकार चालू खाते के घाटे (कैड) को कम करने और देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाने के लिए जल्द ही कुछ और कदम उठा सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कैड को सीमित करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इस वित्त वर्ष में बाजार उधारी के लक्ष्य में 70 हजार करोड़ रुपए की कमी की है। वहीं ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को विदेश से एक साल में 10 अरब डॉलर तक जुटाने की अनुमति दी है। देश में आने वाली कुल विदेशी मुद्रा के मुकाबले बाहर जाने वाली विदेशी मुद्रा की मात्रा अधिक होने चालू खाते का घाटा कहलाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से देश के चालू खाते घाटे पर असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 86 डालर प्रति बैरल से ऊपर निकल गई हैं। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया तेजी से गिरता हुआ 74 रुपए प्रति डॉलर के स्तर को छू गया है। इससे देश में विदेशी मुद्रा के प्रवाह पर दबाव बढ़ा है। जेटली ने कहा, \"क्रूड की कीमतें बढ़कर चार साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इसका कैड पर कुछ विपरीत असर पड़ेगा।



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