रांची।अब तक बच्चे ए फॉर एपल, बी फॉर बॉल और सीट फॉर कैट पढ़ते रहे हैं। अब जल्दी ही वे ए फॉर अर्जुन, बी फॉर ब्रह्मा और सी फॉर कावेरी पढ़ेंगे। तमिलनाडु के कांची

रांची।अब तक बच्चे ए फॉर एपल, बी फॉर बॉल और सीट फॉर कैट पढ़ते रहे हैं। अब जल्दी ही वे ए फॉर अर्जुन, बी फॉर ब्रह्मा और सी फॉर कावेरी पढ़ेंगे। तमिलनाडु के कांची कामकोटि पीठ ने यह कोर्स तैयार किया है। कांचीपुरम स्थित पीठ में शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने दैनिक भास्कर से बातचीत में यह जानकारी दी।

शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने कहा- सालों से छोटे बच्चे इन सबसे अछूते हैं...

उन्होंने कहा, ‘नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति के बारे में जानकारी देना है। सालों से छोटे बच्चे इन सबसे अछूते हैं। इसलिए पीठ ने भारत की नदियों, रामायण, महाभारत और वेदों के पात्रों को कोर्स में शामिल किया है। नीता प्रकाशन दिल्ली और कांची कामकोटि पीठ ने इन किताबों का प्रकाशन किया है। इसे पीठ के स्कूलों समेत दक्षिण भारत के कई स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है। झारखंड में भी पीठ ने शिक्षा, चिकित्सा और वेद से जुड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इन किताबों को झारखंड में पीठ द्वारा संचालित स्कूल के कोर्स में शामिल किया जाएगा। शंकराचार्य ने कहा कि वर्ण बोध और गोल्डन रीडर अक्षर ज्ञान के साथ-साथ पौराणिक पुरुषों के उल्लेख द्वारा ज्ञान बढ़ाने का यह एक प्रयास है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
shankaracharya vijendra saraswati introduced indian culture based stufy books in school affiliated to kanch kamkoti peeth in tamilnadu