तनुश्री दत्ता को नाना पाटेकर और विवेक अग्निहोत्री की तरफ से लीगल नोटिस मिला है। विवेक अग्निहोत्री की तरफ से आए स्टेटमेंट में वकील निधीश मेहरोत्रा ने

तनुश्री दत्ता को नाना पाटेकर और विवेक अग्निहोत्री की तरफ से लीगल नोटिस मिला है। विवेक अग्निहोत्री की तरफ से आए स्टेटमेंट में वकील निधीश मेहरोत्रा ने लिखा है कि, 'मेरे क्लाइंट विवेक अग्निहोत्री की ऊपर तनुश्री दत्ता के द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं। ये वेबकूफाना और दुख पहुंचाने वाले हैं। ये आरोप झानबूझकर पब्लिसिटी पाने के लिए लगाए गए हैं। मेरे क्लाइंट के निर्देश पर हमने तनुश्री के खिलाफ मानहानि का केस करके कानूनी नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ऐसी न्यूज एजेंसियों को भी दिया गया है जो कि सत्यापन के बिना मेरे क्लाइंट को बदनाम कर रही हैं। वे ऐसा सनसनीखेज पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए कर रही हैं।
'प्रेस रिलीज में सभी मीडिया एजेंसियों, चैनल्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सबूत के बिना मेरे क्लाइंट पर किसी तरह का आरोप नहीं लगाने की रिक्वेस्ट की गई है। अगर ऐसा नहीं होता है तो लीगल कार्यवाही करनी होगी'।
तनुश्री दत्ता लीगल नोटिस मिलने पर अपने बयान में कहा- 'मुझे दो नोटिस मिले हैं। एक नाना पाटेकर की तरफ से और दूसरा विवेक अग्निहोत्री की तरफ से। भारत में अन्याय, शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए आपको ये सब झेलना पड़ता है।नाना और विवेक की पूरी टीम सोशल मीडिया और दूसरे पब्लिक प्लेटफॉर्म पर मेरे खिलाफ झूठा कैंपेन चला रही हैं। आज जब मैं घर में थी तो दो संदिग्धों ने मेरे घर में घुसने की कोशिश की लेकिन, उन्हें बिल्डिंग के सिक्युरिटी गार्ड्स ने रोक दिया। इसके अलावा मुझे मनसे पार्टी की तरफ से लगातार धमकियां मिल रही हैं'
तनुश्री ने अपने बयान में भारत के लीगल सिस्टम पर भी सवाल उठाए हैं। तनुश्री कहती हैं कि 'मुझे कोर्ट में घसीटने की धमकी दी जा है। हम सभी को पता है भारत का लीगल सिस्टम मामले के विचाराधीन होने तक महिला और उसके सपोटर्स को चुप रहने के लिए कहता है। इसके अलावा उसका आर्थिक तौर पर शोषण किया जाता है। 'तारीख पे तारीख' मिलती है और पूरी जिंदगी न्याय के इंतजार में बीत जाती है। आरोपी द्वारा पेश किए गए झूठे गवाह महिलाओं का केस कमजोर कर देते हैं। कई दशकों तक कोर्ट में केस चलते हैं आखिर में एक जिंदगी बर्बाद और हार जाती है'।
तनुश्री ने अमेरिका जाने की वजह भी बताई है '10 साल पहले मैं इसी माहौल से दूर होने के लिए अमेरिका चली गई थीं। अमेरिका में मेरे सभी घाव भरे। मुझे वहां पर शांति और एक नई जिंदगी मिली थी और अब मैं इस नई लाइफ को खोने जा रही हूं। अब मैं भारत की अदालत प्रणाली में उलझने के लिए तैयार हूं। आप जानना चाहते थे कि भारत में 'मीटू' जैसे मूवमेंट क्यों नहीं होते। इसका कारण यही सब है'।



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