न्यूज डेस्क। लखनऊ में शुक्रवार रात एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस की गोली से हुई मौत के मामले में यूपी सवाल लगातार सवालों के घेरे में आ रही है।

न्यूज डेस्क। लखनऊ में शुक्रवार रात एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस की गोली से हुई मौत के मामले में यूपी सवाल लगातार सवालों के घेरे में आ रही है। अब विवेक की पत्नी कल्पना और बड़ी बेटी प्रियांशी ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन और सरकार उन पर दबाव बना रहे हैं कि मामले को ज्यादा तूल न दें। प्रियांशी ने बताया कि फ्लैट में डीएम और पुलिस के लोग दो घंटे तक मां को समझाते रहे कि वह आश्वासन के बाद अपने पति के अंतिम संस्कार के लिए राजी हो जाएं। ताकि मामला ज्यादा न बढ़े। पत्नी कल्पना ने कहा कि, पुलिस की बर्खास्तगी का नाटक चल रहा है। 6 महीने या सालभर में नियुक्ति हो जाएगी लेकिन उनके पति वापस नहीं आएंगे। बेटी ने कहा कि पुलिसवाले मेरी मम्मी पर दबाव बना रहे हैं। डीएम धमकी दे रहे हैं कि हर काम के लिए हमारे पास ही आना पड़ेगा।

इस तरह के मामलों में कई बार पुलिस के द्वारा दबाव बनाने की बात सामने आती है। हमने इस बारे में 1966 बैच के आईपीस ऑफिसर अजय अग्रवाल (डीजी, रिटायर्ड) से बता कर जाना कि आखिर ऐसे में एक आम नागरिक क्या कर सकता है? अपनी बात कैसे ऊपर तक पहुंचा सकता है? कैसे न्याय पा सकता है? एफआईआर दर्ज न हो तो वो क्या कर सकता है?

पुलिस दबाव बनाए तो क्या करें...
- किसी मामले में यदि आपको पुलिस में थाना स्तर पर सहयोग नहीं मिल रहा तो सबसे पहले विभाग में ही उच्च अधिकारियों तक मामले को पहुंचाएं। संबंधित थाना के सीएसपी, एसपी, डीआईजी और फिर आईजी तक केस को लेकर जाएं।

- हर प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन की सुविधा अब है। पूरे मामले को सीएम हेल्पलाइन पर ले जाएं। यहां तय समय में समस्या का समाधान होता है।
- पीएमओ की वेबसाइट पर आप पूरा मामला पोस्ट कर सकते हैं।
- प्रदेश के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पीएमओ को ट्वीट कर मामले का सोशल मीडिया में खुलासा कर दें।
- यदि डीएम या दूसरे अधिकारी आप पर दबाव बना रहे हैं तो डरने के बजाए मीडिया में खुद इसका खुलासा करें।
- जो पुलिस अधिकार आप पर दबाव बना रहे हैं या डरा धमका रहे हैं आप उनके खिलाफ भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
- इसके बाद भी न्याय नहीं मिले तो आप पूरे मामले को कोर्ट में लेकर जा सकते हैं।

पुलिस एफआईआर न लिखे तो क्या करें....

> यदि पुलिस एफआईआर रजिस्टर नहीं कर रही तो आप शिकायत ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं। इसके लिए आपको संबंधित एरिया की पुलिस वेबसाइट पर जाना होगा। दिल्ली में e-FIR ऐप के जरिए भी एफआईआर की जा सकती है। आप इस ऐप को अपने फोन में इंस्टॉल करके कहीं से भी एफआई दर्ज करवा सकते हैं।

> यदि कॉग्निजेबल ऑफेंस के लिए पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही तो आप पीड़ित सीनियर ऑफिसर्स से संपर्क कर सकते हैं।

> इसके बाद भी यदि एफआईआर रजिस्टर्ड नहीं की जाए तो पीड़ित CrPC के सेक्शन 156 (3) के तहत मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट के पास इसकी शिकायत कर

सकते हैं। मजिस्ट्रेट को पुलिस को FIR दर्ज करने के लिए ऑर्डर दे सकते हैं। जो अधिकारी एफआईआर दर्ज नहीं करते, उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट एक्शन का ऑर्डर दे चुका है।

> सुप्रीम कोर्ट के यह भी ऑर्डर हैं कि FIR दर्ज होने के एक हफ्ते के अंदर फर्स्ट इन्वेस्टिगेशन कम्पलीट हो जाना चाहिए।‌‌‌‌



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Vivek Tiwari murder case