भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा न होने की वजह से मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शपथ लेने के 55 घंटे बाद शनिवार को इस्तीफा दे दिया। येदियुरप्पा ने 17 मई को

भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा न होने की वजह से मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शपथ लेने के 55 घंटे बाद शनिवार को इस्तीफा दे दिया। येदियुरप्पा ने 17 मई को अकेले शपथ ली थी। येदियुरप्पा ने बहुमत का प्रस्ताव पेश तो किया, लेकिन फ्लोर टेस्ट के लिए नहीं गए। इससे पहले उन्होंने करीब 20 मिनट तक भावुक स्पीच दी। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस और जेडीएस के खिलाफ जनादेश है। अगर हमें 113 सीटें मिली होती तो आज स्थिति कुछ और होती। चुनाव कब आएगा मालूम नहीं। 5 साल बाद आएगा या इसके पहले भी आ सकता है। मैं फिर लौट के आऊंगा। इससे पहले दिन भर बहुमत का ड्रामा चला। कभी बीजेपी के पास बहुमत होने और न होने की खबरें आती रहीं। यहां तक कि कांग्रेस और जेडीएस के दो-दो विधायकों के गायब होने की खबर आई। आखिर में इस गठबंधन के सभी विधायक (कांग्रेस 78 + जेडीएस 37) सदन में पहुंच गए।

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