आपातकाल, देश की जनता के लिए ये शब्द बिलकुल नया था, राजनीतिक दलों के नुमाइंदों को भी देश में इमरजेंसी लगाए जाने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन ऐसा हो चुका था, 25 और 26

आपातकाल, देश की जनता के लिए ये शब्द बिलकुल नया था, राजनीतिक दलों के नुमाइंदों को भी देश में इमरजेंसी लगाए जाने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन ऐसा हो चुका था, 25 और 26 जून की दरमियानी रात को आपातकाल के आदेश पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के दस्तखत के साथ देश में आपातकाल लागू हो चुका था।

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