नई दिल्ली. परमाणु हथियारों (बैलेस्टिक मिसाइल) से लैस पनडुब्बी अरिहंत ने अपनी पहली गश्त पूरी कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा, ‘‘इस

नई दिल्ली. परमाणु हथियारों (बैलेस्टिक मिसाइल) से लैस पनडुब्बी अरिहंत ने अपनी पहली गश्त पूरी कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा, ‘‘इस प्रोजेक्ट में शामिल आईएनएस अरिहंत के क्रू मेंबर्स समेत सभी लोगों को मैं धन्यवाद देता हूं। यह दिन इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।’’

6 हजार टन की है आईएनएस अरिहंत : पीए मोदी ने कहा कि

इस युग में ऐसे परमाणु हथियार की हर वक्त जरूरतहोती है। आईएनएस अरिहंत को ऐसे इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां से दुश्मन परमाणु हमला करने की धमकी देता है। आईएनएस अरिहंत पनडुब्बी6 हजार टन की है।

आसान नहीं इस पनडुब्बी को डिटेक्ट कर पाना :रक्षा जानकारों के मुताबिक, एटमी हथियारों से लैस पनडुब्बी काफी महत्वपूर्ण हथियार है। यह पनडुब्बी समुद्र के किसी भी कोने से शहर को बर्बाद करने की क्षमता वाली मिसाइल छोड़ सकती है। साथ ही, इसकी काफी जल्दी डिटेक्ट भी नहीं किया जा सकता। ऐसे में आईएनएस अरिहंत दुश्मन देश के तटीय इलाके के करीब जाकर उन इलाकों पर हमला कर सकती है, जहां जमीन से छोड़ी जाने वाली मध्यम दूरी मिसाइलें आसानी से नहीं पहुंच पातीं।


सिर्फ अमेरिका और रूस के पास ऐसी क्षमता:आईएनएस अरिहंत के एटमी हथियारों से लैस होने के बाद भारतजमीन और हवा के साथ-साथ परमाणु हमला करने में सक्षम हो गया है।अब तक यह क्षमतासिर्फ अमेरिका और रूस के पास थी। भारतीय रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस उपलब्धि पर बधाई दी है।



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