न्यूज डेस्क। बुधवार को चेन्नई में एयर कंडीशनर (AC) तीन लोगों की मौत की वजह बना। पुलिस के मुताबिक, बत्ती गुल होने के बाद इन लोगों ने इन्वर्टर ऑन किया। फिर एसी

न्यूज डेस्क। बुधवार को चेन्नई में एयर कंडीशनर (AC) तीन लोगों की मौत की वजह बना। पुलिस के मुताबिक, बत्ती गुल होने के बाद इन लोगों ने इन्वर्टर ऑन किया। फिर एसी ऑन करके सो गए। रात में बत्ती आ गई थी लेकिन इन्वर्टर चलता रहा। इसी दौरान एयर कंडीशनर से गैस लीक हुई। कमरे का कोई भी दरवाजा या खिड़की खुली हुई नहीं थी। संभवत इसी कारण लीक हो रही गैस में दम घुटने से कमरे में सो रहे तीनों लोगों की जान चली गई। हमने इस बारे में मप्र की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज के एचओडी डॉ. अशोक शर्मा से बात कर जाना कि आखिर एसी में ऐसी कौन सी गैस होती है जो किसी की जान तक ले सकती है और यह किन कंडीशन में लीक हो सकती है।

ऐसी कौन सी गैस होती है एसी में...

- डॉ. शर्मा ने बताया कि कुछ सालों पहले तक जो एसी मार्केट में आ रहे थे, उनमें मुख्यरुप से क्लोरोफ्लोरो (CFC) गैस का उपयोग हो रहा था।
- इसके लीक होने से ग्लोबल वॉर्मिंग का खतरा तो बढ़ता ही है साथ ही गैस का अधिक मात्रा में एक्सपोजर हो और यह सांसो के जरिए बॉडी में जाए तो हद्य की गति को अनियंत्रित कर सकती है।

- कई बार कारों और घरों में एसी चलने के दौरान घुटन से लोगों की जान गई है, वो इसी गैस से दम घुटने के कारण हुआ है।
- एसी में इसका यूज कूलिंग के लिए किया जाता है।
- यह गैस ओजोन को कम करती है। इसलिए अब इसका यूज भी धीरे-धीरे कम करने की कोशिश हो रही है।

गैस लीक क्यों हुई?
- पुलिस के मुताबिक, एसी में खराबी थी। इसी कारण गैस लीक हुई।

गैस लीक होने की पहचान क्या है?
- पैनासोनिक कंपनी के एग्ज्युकेटिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि तीन से चार साल पहले जो एसी आ रहे थे, उनमें क्लोरोफ्लोरो गैस का इस्तेमाल हो रहा था। अब नए एसी में R32 गैस का यूज हो रहा है।

- यह गैस हल्की होती है और ज्यादा खतरनाक भी नहीं होती।
- यदि गैस लीक होती है तो उसकी स्मैल भी आना शुरू हो जाती है। एसी चलाते ही वो हल्की-हल्की स्मैल करने लगता है। इसे स्मैल को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए।

- जिस तरह गैस सिलेंडर के लीक होने पर स्मैल आती है, उसी तरह एसी की गैस लीक होने पर भी स्मैल आती है। ऐसी स्मैल आने पर तुरंत एक्सपर्ट को एसी दिखाना चाहिए।

कौन सी बातों का ध्यान रखना जरूरी...
- साल में कम से कम 3 बार एसी का मेंटेनेन्स करवाएं। दो बार तो करवाना ही चाहिए।
- एसी के लिए हमेशा ब्रांडेड केबल का इस्तेमाल करें।
- एसी के लिए सेपरेट पावर पॉइंट लगाएं। जैसे दो टन का एसी है तो 16 एम्पीयर का पॉइंट होना चाहिए। पावर के हिसाब से एम्पीयर का चुनाव करें।
- नया एसी खरीद रहे हैं तो कोशिश करें कि सबसे लेटेस्ट रेटिंग वाला एसी ही खरीदें। इससे बिजली की भी बचत होगी।
- एसी की सर्विसिंग के दौरान अंदर और बाहर से उसकी अच्छे से क्लीनिंग करवाएं।
- एसी के साथ सेपरेट एमसीबी भी लगा सकते हैं। इससे पावर का लोड एसी पर नहीं आता। पावर लोड आने से भी शॉर्ट सर्किट हो सकता है। जो बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

- पावर एक्सटेंशन कार्ड में भी एसी को कभी न लगाएं।
- इन्वर्टर जब चलाएं तो एसी का यूज अवॉइड करें। यूज कर ही रहें हैं तो लाइट आते ही इन्वर्टर को बंद करना न भूलें।
- एसी का कोई भी पार्ट डैमेज हो जाए तो उसे तुरंत रिपेयर करवाएं।
- एयर फिल्टर को रेग्युलरी चेंज करवाते रहें।
- हमेशा किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रिशियन से ही एसी रिपेयर करवाएं। आप ऑफिशियल सर्विस सेंटर में एसी को रिपेयर के लिए ले जाएं तो बेहतर होगा।



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