न्यूज डेस्क। बेरोजगारी भारत में सबसे बड़ा चैलेंज बन गई है। पिछले 20 सालों में सबसे बड़ी बेरोजगारी अभी है। यह खुलासा सेंटर फॉर सस्टेनेबल इम्प्लॉयमेंट ऑफ

न्यूज डेस्क। बेरोजगारी भारत में सबसे बड़ा चैलेंज बन गई है। पिछले 20 सालों में सबसे बड़ी बेरोजगारी अभी है। यह खुलासा सेंटर फॉर सस्टेनेबल इम्प्लॉयमेंट ऑफ द अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, जीडीपी बढ़ने के बावजूद इम्प्लॉयमेंट घट रहा है। 82 परसेंट मेल और 92 परसेंट फीमेल वर्कर्स 10 हजार रुपए महीना से भी कम कमा रहे हैं। जबकि सातवें सेंट्रल पे कमीशन ने मिनिमम सैलरी 18 हजार रुपए महीना बताई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अनइम्प्लॉयमेंट का असर तो पूरे देश में है लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर नॉर्थर्न स्टेट्स में है। हालांकि इसके बावजूद कुछ ऐसी जॉब हैं, जिनकी डिमांड मार्केट में बनी हुई है और इनमें मोटी सैलरी भी दी जा रही है। इंटरनेशनल एग्ज्युकेटिव सर्च फर्म Alexander Hughes की कंसल्टेंट नबा अमरीन ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में इनकी जानकारी दी है। जानिए कौन सी हैं ये जॉब्स।


चीफ रिस्क ऑफिसर (CRO)
इंडियन बैंकों और एनबीएफसीस में चीफ रिस्क ऑफिसर की डिमांड हमेशा होती है। हर रोज बढ़ रही फ्रॉड एक्टिविटी के चलते अब इस पोस्ट की अहमियत और भी ज्यादा बढ़ गई है। फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट में भी सीआरओ नियुक्त किए जा रहे हैं। इसमें 75 लाख से 3 करोड़ रुपए तक की सैलरी ऑफर की जा रही है।

चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO)
इन्वेस्टर्स के साथ रिलेशन से लेकर फंड रेज करने तक की जिम्मेदारी सीएफओ की ही होती है। सीएफओ की सैलरी 1 से डेढ़ करोड़ रुपए के बीच होती है। बड़े ओर्गनाइजेशन में यह 3 से 4 करोड़ रुपए तक है।

हेड ऑफ आरएंडडी
ऑटोमोटिव, टेलीकॉम, फार्मास्युटिकल्स जैसे सेक्टर आरएंडडी पर लगातार अपना खर्चा बढ़ा रहे हैं। आरएंडडी प्रोफेशनल्स की हर लेवल पर डिमांड बढ़ रही है। फार्मा में कैंसर, डायबिटीज, कार्डियो में आरएंडी टैलेंड को खोजा जा रहा है। इसी तरह टेलीकॉम में भी डिमांड बढ़ रही है। इसमें 10 से 25 लाख रुपए तक की शुरुआती सैलरी है जो लीडर बनने पर 2 से 4 करोड़ तक जाती है।

कम्पनी सेक्रेटरी
नए कंपनी बिल के आने के बाद से कम्पनी सेक्रेटरी की डिमांड भी बढ़ गई है। अब अधिकतर कंपनियों में सीएस सीधे बोर्ड चैयर और सीईओ को रिपोर्ट करने लगे हैं। 15 से 20 के एक्सपीरियंस में ही सैलरी 35 लाख से 2 करोड़ तक पहुंच रही है।

चीफ डिजिटल ऑफिसर
आजकल हर ओर्गनाइजेशन खुद का डिजिटाइजेशन कर रहा है। इसके बाद चीफ डिजिटल ऑफिसर का रोल बहुत अहम हो गया है। ऐसे प्रोफेशनल्स जो कंपनी में डिजिटल कल्चर को बढ़ा पाएं उन्हें 75 लाख से लेकर 1 करोड़ 75 लाख रुपए तक की सैलरी ऑफर की जा रही है।

लीगल काउंसल
कंपनियां लगातार अपना लीगल खर्चा घटाने की कोशिश में है। लीगल टास्क हमेशा की टेंशन देने वाले होते हैं। इसी से बचने के लिए कंपनियां लीगल काउंसल हायर कर रही हैं। इन्हें भी लाखों रुपए में सैलरी ऑफर की जा रही है।

चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर
सही प्रोडक्ट के चुनाव और रेवेन्यू जनरेट करने के लिए चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर का होना जरूरी है। इंडियन स्टार्टप्स में भी लगातार इस ऑफिसर की जरूरत है। इन्हें 1 करोड़ से लेकर 5 करोड़ रुपए तक की सैलरी मिलती है। पैकेज कितना होगा, यह एक्सपीरियंस और ट्रैक रिकॉर्ड पर डिपेंड करता है।

सायबर एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स
सायबर सिक्योरिटी और डाटा प्राइवेसी की रिस्क ग्लोबल लेवल पर है। इंडियन कंपनियों के सामने भी इससे निपटना चुनौती है। इसी के चलते सायबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की डिमांड बढ़ गई है। बैंक, इंश्योरेंस कंपनी, पावर, पेमेंट वॉलेट, टेलीकॉम और हेल्थकेयर में इसकी बहुत डिमांड है।

चीफ ऑडिट एग्ज्युकेटिव
2013 में आए नए कंपनीज बिल के बाद चीफ ऑडिट एग्ज्युकेटिव का रोल भी काफ बढ़ गया है। चीफ ऑडिट एग्ज्युकेटिव की एवरेज सैलरी 75 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है।



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Rate Of Unemployment In India Highest In 20 Years