जोधपुर (मनीष बोहरा).कंप्यूटर इंजीनियर जितेंद्र शर्मा (36) पिछले 10 सालों से सॉफ्टवेयर फील्ड में हैं। वे कनाडा की एक कंपनी में 25 लाख रु. सालाना के पैकेज में जॉब

जोधपुर (मनीष बोहरा).कंप्यूटर इंजीनियर जितेंद्र शर्मा (36) पिछले 10 सालों से सॉफ्टवेयर फील्ड में हैं। वे कनाडा की एक कंपनी में 25 लाख रु. सालाना के पैकेज में जॉब कर रहे थे। एक दिन ‘द डेविल इन मिल्क’ किताब पढ़ते हुए उन्हें ए-1 और ए-2 मिल्क के बारे में पता चला। उन्हें लगा कि ए-2 कैटेगरी का दूध उच्च गुणवत्ता वाला, पौष्टिक व हानिकारक टॉक्सिन से मुक्त होता है। इस पर उन्हें आइडिया आया कि क्यों ना ऐसा दूध देने वाली गिर की गायों को पालकर इस दूध की सप्लाई शुरू की जाए।

गोशाला में लगा दी जमापूंजी

जितेंद्र ने इसी आइडिया को डवलप कर दूध का स्टार्टअप शुरू करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने अपनी पैकेज वाली जॉब को छोड़ा और 2 महीने तक ए-2 मिल्क, गाय-भैंस और अन्य तथ्यों पर रिसर्च किया। इसके बाद उन्होंने गुजरात से गिर की 6 गायें खरीदीं, जो 1 लाख से लेकर 5 लाख रु. तक में आती है। गिर गाय ए-2 दूध के लिए मशहूर हैं। जितेंद्र ने अपनी सारी जमा पूंजी से मणाई में जमीन खरीदी और वहां पर एक गोशाला स्थापित की। गाय शुद्ध दूध दें इसलिए उन्होंने जमीन के टुकड़े पर ही गायों के चारे के लिए खेती भी की। फसल उगाने, खुद गायों की देखभाल से लेकर चारा खिलाने, दूध निकालने की प्रक्रिया में भागीदारी की। इतना ही नहीं गोशाला के पास ही उन्होंने अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी का सेटअप भी लगा लिया।

लोगों ने बनाईं बातें

एक ओर तो जितेंद्र गायों की देखरेख से लेकर दूध निकालने तक की दिनचर्या पर नजर रखते, दूसरी ओर अपना सॉफ्टवेयर का काम भी करते। हालांकि एमसीए तक पढ़े होने के बाद भी जब उन्होेंने गायों के दूध का बिजनेस शुरू किया तो कई लोगों ने बातें भी बनाईं। उन्हें एमसीए दूधवाला कहा जाने लगा, लेकिन जितेंद्र ने इसे भी एक कॉम्प्लीमेंट और चुनौती के रूप में लिया। 60-70 रु. लीटर वाले इस दूध के फायदे उन्होंने लोगों को बताए। इसका परिणाम भी मिला, कई लोगों ने उनसे दूध की बंदी करवा ली। डोर-टू-डोर डिलीवर के लिए उन्होंने एक स्टाफ रखा। करीब 8-10 महीने में ही जितेंद्र को इन सारे प्रयासों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग से बना रहे ऑनलाइन मिल्क एप
जितेंद्र अपनी सॉफ्टवेयर स्किल्स को काम में लेकर अब ऐसा एप बना रहे हैं जिससे लोग ऑनलाइन दूध ऑर्डर कर सकेंगे। अच्छे परिणाम मिलने पर अब वे गायों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इन सबके साथ ही गोशाला के पास ही वे सॉफ्टवेयर का काम भी कर रहे हैं।



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जितेंद्र मणाई स्थित अपनी गोशाला में गायों की सार संभाल करने के साथ ही पास में बनाए ऑफिस में सॉफ्टवेयर का काम भी करते हैं।
started milk business after quit job