कहते हैं पढ़ाई के लिए कोई उम्र नहीं होती है और इस बात को 96 साल की कर्थयायनी अम्मा ने साबित कर दिया है। केरल के अलप्पूझा जिले की रहने वाली कर्थयायनी

कहते हैं पढ़ाई के लिए कोई उम्र नहीं होती है और इस बात को 96 साल की कर्थयायनी अम्मा ने साबित कर दिया है। केरल के अलप्पूझा जिले की रहने वाली कर्थयायनी साक्षरता मिशन के तहत फोर्थ ग्रेड में एडमिशन ले रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने 10वीं क्लास तक पढ़ने का फैसला किया है। उऩ्हें प्रदेश की सबसे उम्रदराज स्टूडेंट माना जा रहा है।

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