न्यूज डेस्क।वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि लोगों द्वारा कंबल, टॉवल और चादर के साथ दूसरे आइटम चुराने की वजह से उसे 2.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। आंकड़ों के

न्यूज डेस्क।वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि लोगों द्वारा कंबल, टॉवल और चादर के साथ दूसरे आइटम चुराने की वजह से उसे 2.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में 1.95 लाख टॉवल, 81736 बेड शीट्स, 55573 पिलो कवर, 5038 पिलो और 7043 कंबल चोरी हुए हैं। इनके अलावा, चादर, बेडशीट, मग के साथ दूसरे सामान भी चोरी हुए हैं। कुल-मिलाकर इन सभी आइटम की कीमत 2.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

रेलवे AC कोच में सफर करे वाले यात्रियों को इस तरह की सुविधाएं देती है, लेकिन यही लोग सामान चुरा लेते हैं। हालांकि, सामान चुराने वाले लोगों को ये नहीं पता कि इन काम के लिए उन पर रेलवे द्वारा कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस बारे में नीरज भटनागर, डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर (DCM), रेलवे, झांसी ने बताया कि जुर्माने के साथ सजा भी हो सकती है।

सामान चुराने पर रेलवे करता ये कार्रवाई

> नीरज भटनागर ने बताया कि ट्रेन में मिलने वाले कंबल, बैडशीट या अन्य आइटम को प्राइवेट वेंडर की तरफ से दिया जा रहा है।
> ऐसे में यदि कोई आइटम चोरी होता है तो उसमें प्राइवेट वेंडर का नुकसान होता है।
> इस स्थिति में वेंडर अपने नुकसान की भरपाई आइटम से जुड़े लोगों की सैलेरी से करती है।
> यदि किसी यात्री को चोरी करते हुए मौके पर पकड़ लिया जाए, तब उस आइटम को रेलवे की संपति में गिना जाएगा।
> इस स्थिति में उस पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई होती है। वहीं, जुर्माना रेलवे कोर्ट तय करेगी।

क्या कहता है रेलवे एक्ट

> रेलवे के सामान को चुराने या हानि पहुंचाने के लिए रेलवे प्रोपर्टी एक्ट 1966 (1996 का एक्ट नंबर 29) बना हुआ है।
> एक्ट के मुताबिक, रेलवे की प्रोपर्टी को चुराने या नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना और जेल दोनों की कार्रवाई हो सकती है।
> इसमें मिनिमम जुर्माना 1 हजार या 1 साल की सजा या फिर दोनों हो सकते हैं।
> वहीं, अधिकतम 5 साल की सजा या जुर्माना या ये दोनों हो सकते हैं।
> अधिकतम कितना जुर्माना लगेगा इस बात का फैसला रेलवे कोर्ट तय करती है।

2017 के आंकड़े

> दिसंबर 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 98594, तमिलनाडु में 81408 और गुजरात में 77047 लोगों को सामान चुराने के लिए अरेस्ट किया गया था।
> सामान चुराने की लिस्ट में रेलवे ट्रैक में यूज होने वाले लोहा से लेकर कोच में इस्तेमाल होने वाली एक्सेसरीज तक सभी चीजें शामिल थी।

ट्रेन में दिए जाने वाले सामान की कीमत

> जानकारी के मुताबिक ट्रेन में दी जाने वाली बेड शीट की कीमत 132 रुपए से 170 रुपए तक होती है।
> वहीं, एक टॉवल की कीमत 22 रुपए से लेकर 35 रुपए तक होती है।
> इसी तरह, एक पिलो यानी तकिया की कीमत 30 रुपए से लेकर 50 रुपए तक होती है।
> रिपोर्ट के मुताबिक 3 टायर से लेकर हायर क्लास तक के यात्री सामान चुराते हैं।



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