यूटिलिटी डेस्क। आपका परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) कार्ड एक बहुत ही अहम दस्तावेज होता है। यह कई जगह आपकी आइडेंटिटी साबित करता है। हालांकि मुख्यतौर पर इसका

यूटिलिटी डेस्क। आपका परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) कार्ड एक बहुत ही अहम दस्तावेज होता है। यह कई जगह आपकी आइडेंटिटी साबित करता है। हालांकि मुख्यतौर पर इसका यूज आपके इन्वेस्टमेंट, लोन, टैक्स या बिजनेस एक्टिविटी को चेक करने के लिए किया जाता है। गवर्नमेंट डाटा के अनुसार अब तक 25 करोड़ से ज्यादा पेन कार्ड होल्डर देश में हैं। हर पेन कार्ड में एक नंबर लिखा होता है। इसमें आपकी कई जानकारियां होती हैं। आज हम इसी के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं।

पहले 3 कैरेक्टर
हर पेन कार्ड में 10 कैरेक्टर का अल्फा-न्यूमैरिक नंबर होता है। पहले तीन कैरेक्टर अंग्रेजी के तीन डिजिट होते हैं, जैसे AAA, ZZZ यह कार्ड की सीरीज को रिप्रेजेंट करते हैं।

चौथा कैरेक्टर
चौथा कैरेक्टर पेन कार्ड होल्डर के स्टेट्स को रिप्रेजेंट करता है। जैसे C यानी कंपनी, P यानी पर्सन, H यानी (हिंदु अनडिवाइडेड फैमिली), F यानी फर्म, A यानी एसोसिएशन ऑफ पर्सन, T यानी ट्रस्ट, B यानी बॉडी ऑफ इनडिविजुअल्स, L यानी लोकल अथॉरिटी, J यानी आर्टिफिशियल ज्युरिडिक्शन पर्सन और G गवर्नमेंट।

पांचवा कैरेक्टर
पांचवा कैरेक्टर या तो सरनेम (पर्सन से जुड़ा हो तो) या फिर एन्टिटी (दूसरे केस में) से जुड़ा होता है।

छटे से नौवां कैरेक्टर
छटे से नौवां कैरेक्टर सिक्वेंशल नंबर्स (0001 से 9999) होते हैं।

दसवां कैरेक्टर
आखिरी डिजिट एक अल्फाबेट चेक डिजिट होता है जो कोई भी लेटर हो सकता है।



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