हेल्थ डेस्क। छोटे व्यापारियों के देशव्यापी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली से पूछा है कि क्या करेंसी नोट

हेल्थ डेस्क। छोटे व्यापारियों के देशव्यापी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली से पूछा है कि क्या करेंसी नोट बीमारी फैला रहे हैं? दो रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है कि करेंसी नोट कई तरह की बीमारियां फैला रहे हैं।

संगठन का कहना है कि यदि यह दावे सही हैं तो इन बीमारियों से बचाव के उपाय होना चाहिए। बता दें कि 2016 में हुई रिसर्च में ये भी सामने आ चुका है कि डॉक्टर्स, बैंक, स्थानीय बाजार, कसाई, स्टूडेंट्स और हाउस वाइव्स से लिए गए नोट से बीमारी फैलने की आशंका ज्यादा होती है।

क्यों हैं खतरनाक
- काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) के तहत काम करने वाली संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी (IGIB) के शोध में करेंसी नोटों से 78 तरह की बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया मिले हैं।

- रिपोर्ट के मुताबिक, करेंसी नोट कई हाथों से होकर आप तक पहुंचते हैं। इनमें गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग भी शामिल होते हैं।
- इसी वजह से करेंसी नोट कई तरह के कीटाणुओं के संपर्क में आ जाते हैं।
- इनसे हमेशा बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
- अधिकतर नोटो में पेट खराब होने, टीबी और अल्सर जैसी बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया पाए गए हैं।
- इन नोटों में 10,20 और 100 रुपए के नोट शामिल हैं।


2016 में भी 120 नोटों पर की गई थी रिसर्च...
- जर्नल ऑफ करंट माइक्रोबायोलॉजी एंड अप्लाइड साइंस ने अपनी रिसर्च में 2016 में 120 नोटों पर की गई अपनी रिसर्च में पाया था कि 86.4 प्रतिशत नोट कई प्रकार की बीमारियां फैलाने वाले थे।

- ये नोट डॉक्टर्स, बैंक, स्थानीय बाजार, कसाई, स्टूडेंट्स और हाउस वाइव्स से लिए गए थे।
- डॉक्टरों से लिए गए नोटो में मूत्र संबंधी, सांस लेने में परेशानी, सेप्टिसीमिया, स्किन इंफेक्शन, मेनिनजाइटिस जैसी बीमारी फैलाने वाले कीटाणु मिले थे।

- रिसर्च के मुताबिक पेपर करेंसी हजारों प्रकार के कीटाणुओं के संपर्क में आती है। चाहे वो किसी की अंगुली हो, वेटर के कपड़े हों, वेंडिंग मशीन हो या गद्दों के नीचे रखे गए नोट हों।



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study says currency notes carry disease