न्यूज डेस्क। केरल में बाढ़ की तबाही का असर अब तक नजर आ रहा है। थ्रिसूर के एक कार शोरूम में रखीं 357 कारें बाढ़ के चलते पूरी तरह से खराब हो गईं। इंश्योरेंस

न्यूज डेस्क। केरल में बाढ़ की तबाही का असर अब तक नजर आ रहा है। थ्रिसूर के एक कार शोरूम में रखीं 357 कारें बाढ़ के चलते पूरी तरह से खराब हो गईं। इंश्योरेंस कंपनी ने इन्हें टोटल लॉस बताया है। इंश्योरेंस सर्वेयर्स मारूति कार के डीलर बीआरडी कार वर्ल्ड में 147 यूज्ड कार और 110 कस्टमर व्हीकल का सर्वेक्षण कर रहे हैं। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर एसएल डाले ने बताया कि प्राकृतिक आपदा में हुई हानि का भी इंश्योरेंस क्लेम किया जा सकता है, बशर्ते वो पॉलिसी इंश्योरेंस के वक्त ली गई हो। हालांकि कंपनी यह स्पष्ट कर चुकी है कि इन गाड़ियों को अब दोबारा शोरूम में नहीं भेजा जाएगा। इससे दूसरे लोग भी इन्हें सस्ते में खरीद सकते हैं। कई बायर्स की कंपनी से बातचीत भी चल रही है।

डेशबोर्ड लेवल तक घुस गया था पानी
शोरूम में रखीं ये कार पूरी तरह से पानी में डूब गईं थीं। यह सी कैटेगरी के डैमेज में आता है, क्योंकि कार के डेशबोर्ड के लेवल पर पानी इनमें घुसा हुआ था। यूनाइटेड इंश्योरेंस ने इन्हें टोटल लॉस बताया है। पुणे, जयपुर और अहमदाबाद के बायर्स इनकी कीमत को लेकर नेगोसिएशन करने में लगे हैं। इन 357 नई गाड़ियों की ओरिजिनल मार्केट वैल्यू 28 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है।

500 से ज्यादा कारें रखीं थीं शोरूम में
बाढ़ के वक्त इस शोरूम में 500 नई कार रखीं थीं। कुछ कारों को समय रहते पानी से निकाल लिया गया। इन गाड़ियों की जानकारी कंपनी के डीलरशिप मैनेजमेंट सिस्टम (DMS) में फीड कर दी जाएगी। ताकि इन्हें ब्रैंड न्यू गाड़ियों की तरह बेचा न जा सके। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि यह कारें दोबारा किसी शोरूम में नहीं जाएंगी।

दोबारा शोरूम में नहीं जाएंगी ये कारें
केरला ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (KADA) के सेक्रेटरी मनोज कुरूप ने बताया कि बाढ़ में प्रभावित हुई गाड़ियों को दोबारा शोरूम में नहीं भेजा जाएगा। बाढ़ में प्रभावित हुए यह व्हीकल बीमा नियमों के तहत नहीं आते और कोई भी डीलर इन्हें नहीं बेचेगा। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, बाढ़ ने करीब 1 हजार नई कार और 7 से 8 हजार कस्टमर कारों को बर्बाद किया है।

ऐसे में क्या हैं इंश्योरेंस के नियम

- एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्राकृतिक आपदा से भी यदि गाड़ी को नुकसना होता है तो इसका इंश्योरेंस कवर भी मिलता है। इसमें यह डिपेंड करता है कि कौन सा इंश्योरेंस लिया गया है।

- इसी तरह यदि गाड़ी का इंजन प्रोटेक्शन कवर लिया गया है तो पानी में डूबने के बाद भी इंश्योरेंस के लिए क्लेम किया जा सकता है। हालांकि ऐसे में गाड़ी स्टार्ट नहीं करना चाहिए। डूबने के बाद गाड़ी स्टार्ट कर ली गई तो फिर कंपनी क्लेम से मना नहीं कर सकती है।

- शोरूम संचालक भी गाड़ियों को स्टॉक करने के दौरान उसका इंश्योरेंस करवाते हैं। इससे किसी भी तरह ही आपदा होने पर वे क्लेम डाल सकते हैं।

- किसी भी गाड़ी में यदि कुल वैल्यू की 75 परसेंट से ज्यादा लायबिलिटी निकल रही है तो वो उसे टोटल लॉस माना जाता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
This showroom loses 357 brand new cars