चीन में धार्मिक स्वतंत्रता पर नियंत्रण के लिए सत्तारूढ़ कम्युनिटी पार्टी ने क्रिश्चियन धर्म के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत सैकड़ों चर्च तोड़ दिए गए। बाइबल जला दी गईं। घरों में होली क्रॉस और जीजस की जिनपिंग के फोटो लगाने का आदेश जारी हुआ है। ये कार्रवाई हेनन प्रांत में की गई, जहां ईसाई धर्म मानने वाले काफी लोग रहते हैं। माओ जेदॉन्ग के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग को चीन का सबसे ताकतवर नेता माना जाता है। उन्हें यकीन है कि नाटकीय तरीके से घट रही उनकी लोकप्रियता को धार्मिक पुनरुत्थान से बढ़ाया जा सकता है।

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