जापान के एक मेडिकल स्कूल के एंट्रेस एग्जाम में लड़कियों को कम नंबर मिलने का मामला सामने आया है। अफसरों का मानना है कि अगर ज्यादा लड़कियां डॉक्टर बन जाएंगी तो जापान के अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी हो जाएगी। जापान टाइम्स की मानें तो टोक्यो मेडिकल यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में 2010 के बाद से अबतक 30% ज्यादा लड़कियों को दाखिला मिला है। अधिकारियों का ये भी मानना है कि महिलाएं प्रेग्नेंसी या बच्चों की िजम्मेदारी की चलते नौकरी छोड़ सकती हैं या उन्हें छुट्टी मिल सकती है।

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