हाल ही में बांग्लादेश हाई कोर्ट में गुरुवार को रेप विक्टिंग पर किया जाने वाला टू फिंगर टेस्ट को बैन कर दिया है। कोर्ट ने इसे घिनौना और पीड़ित के लिए अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस टेस्ट न ही कोई वैज्ञानिक और कानूनी पहलू नहीं है। हाईकोर्ट ये फैसला पांच साल की रेप पीड़ित की सुनवाई के दौरान सुनाया। इसके अलावा कोर्ट ने वकीलों को सख्त आदेश दिया कि वे पीड़ित से ऐसा कुछ भी नहीं पूछ सकते, जो उसकी गरिमा के एकदम खिलाफ हो। इस पूरी घटना से कई सवाल खड़े होते हैं। क्या ये भारत में कानूनी तौर पर टू फिंगर टेस्ट बंद होगा। अगर पड़ोसी देश की अदालतें इस पर एक्शन ले सकती हैं तो भारत जैसे मुल्क में यह क्यों संभव नहीं है।